Skip to main content

Posts

Featured

हिंदी कविता - " माँ "

"चेत ,अचेत और अवचेतन में, जगा जगा था या सोया, अंक लिया था भींच तुम्हीं ने, आँख खुली जब था  रोया ।।" " तब कहाँ पता था जग क्या होता, क्या होता तम का साया, नजर हटी बस पल भर की भी, रोया मैं और चिल्लाया ।।" "नटखट और शैतानी मेरी, गहरी नींद में थी सोई, उठी तमाचा गुस्से में फिर, मारा मुझको,पर तूँ क्यूँ रोई।।" "हँसी तुम्हारी ,गुस्सा तेरा, अब समझ में आता है, वात्सलता ,स्नेह , प्रेम अनूठा, परिभाषा समझाता है ।।" "गीली मिट्टी को तुमने ही , लगा हाथ तराश दिया, सुंंदरता की  परिभाषा दी, जीवन में भर साँस दिया ।।" Tender love of the mother kavita ki kuchh panktiyan "आदमी है इंसा बन जाता, उपकार तुम्हारा जग पर है, ऋण उऋण नहीं हो सकता, ये ऋण तुम्हारा जग पर है।।" "समय बडा ही कर्कश होता, छीन के ले वह जाता है, पर नहीं, समय बस भ्रमित ही रहता, अलग कहाँ कर पाता है।।" "साथ हमेशा ही तुम रहती, सबके साथ तुम्हीं होती, मुझमें,उसमें,उनमें हे माँ, सबमें तुम जीवित होती ।।" "जब झंझावात स...

Latest posts

jb jayhind bolenge aur jindabad bolenge

phool aur bhaura

Hindi Kavita - "Jayhind " I हिन्दी कविता - " जयहिंद "

हिन्दी कविता - एक फूल की जिद l Hindi Poem- " Ek Phool Ki Jid "

मधुबनी पेंटिंग्स

क्या IPC की धारा 498A दे पाता है समस्या का समाधान ?

पत्नी करे पति का मानसिक उत्पीड़न तो क्या करें ?

गणतंत्र दिवस गीत

खामोशियों मेंं सुनता हूँ ।